झारखंड के 25 बसंत पूरे होने पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एक व्यापक एवं प्रभावी बजट की वकालत की, जो राज्य को समृद्धि के पथ पर ले जाए। अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी में बोलते हुए उन्होंने एक लाख करोड़ के बजट का जिक्र किया, जो हर वर्ग को सशक्त करे।
विकास योजनाओं के लिए राजस्व संग्रह मजबूत करना जरूरी है। जनता के सुझाव एवं विशेषज्ञों की राय से बजट को आकार दिया जा रहा है। वैश्विक मंचों पर प्राप्त सीख झारखंड की नीतियों को निखारेगी। युवा वर्ग के सपनों को साकार करने हेतु नए प्रयोग होंगे।
प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग ही राज्य को आगे ले जाएगा। सिंचाई, स्वास्थ्य सेवाएं, जल-जंगल संरक्षण एवं कृषि सुधारों पर बल है। लाख-तसर जैसे उत्पादों में मूल्य संवर्धन से लाभ बढ़ेगा। जनजातीय विरासत को संजोया जा रहा है।
सुझावों के आधार पर पुरस्कार पाने वालों में स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा एवं गोपी हांसदा शामिल हैं। संगोष्ठी में वित्त मंत्री, अधिकारी एवं विशेषज्ञ डॉ. एन. कार्तिकेयन आदि मौजूद रहे। यह बजट राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव साबित होगा।