दिल्ली पुलिस ने एक और सफलता हासिल की है। क्राइम ब्रांच की सेंट्रल रेंज ने 29 जनवरी को नजफगढ़ से तीन आपराधिक मामलों के वांछित सुनील यादव को पकड़ लिया। एक मामले में अदालत ने उसे आधिकारिक रूप से भगोड़ा करार दे दिया था।
गुप्त सूचनाओं और सतत निगरानी से टीम ने आरोपी को नानक पियाऊ-2 बस स्टैंड पर ढूंढ निकाला। पूरी प्रक्रिया कानूनी दायरे में रहते हुए संपन्न हुई और उसे तत्काल हिरासत में ले लिया गया।
इंस्पेक्टर वीर सिंह ने कमान संभाली, जबकि एचसी मनीष, अनूप सिंह व सुकराम पाल ने साथ दिया। अनूप सिंह की सूचना संग्रह क्षमता ने ऑपरेशन को निर्णायक बनाया। एडिशनल डीसीपी राजबीर मलिक ने समग्र पर्यवेक्षण किया।
जांच में सामने आया कि पहला मामला आर्म्स एक्ट से जुड़ा पीएस बाबा हरि दास नगर का है, जहां 12 दिसंबर को भगोड़ा घोषित हुआ। दूसरा आईपीसी 324 धारा के तहत गैर-जमानती वारंट वाला, तीसरा डाबरी थाने में एक्साइज एक्ट का।
गोपाल नगर के लक्ष्मी पार्क में वर्षों तक छिपे रहने वाले सुनील की गिरफ्तारी अपराधियों के लिए चेतावनी है। पूछताछ जारी है, सहयोगियों पर शिकंजा कसने की कवायद चल रही है। दिल्ली में अपराधमुक्ति की दिशा में यह कदम सराहनीय है।