स्वीडन राजदूत जान थेस्लेफ ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार pact को ऐतिहासिक बताया और पीएम मोदी की वैश्विक पहलों की तारीफ की। उनके अनुसार, भारत जब अंतरराष्ट्रीय पटल पर सक्रिय होता है, तो वैश्विक कल्याण सुनिश्चित होता है। तीन वर्षों से भारत में रहते हुए उन्होंने जी20 और दिल्ली में आयोजित होने वाले एआई समिट का उदाहरण दिया।
वैश्विक टैरिफ विवादों के बीच इस समझौते ने सहमति और विश्वास का संदेश दिया है। ‘हम नियमों पर आधारित व्यवस्था कायम रख सकते हैं, भारत हमारा विश्वसनीय साथी है,’ उन्होंने जोर दिया।
यूएन सुधारों में भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सीट का समर्थन करते हुए कहा कि एकजुट भारत को उसकी हक की जगह मिलनी चाहिए। ग्लोबल सप्लाई चेन में लचीलापन लाने के लिए एफटीए महत्वपूर्ण है, जहां स्वीडिश कंपनियां भारत से विश्व बाजारों की सेवा कर रही हैं।
भारत की युवा शक्ति और नवाचार क्षमता पर प्रकाश डालते हुए थेस्लेफ ने पोस्टग्रेजुएट और डॉक्टरल छात्रों को स्वीडन आमंत्रित करने की योजना बताई। हरित ऊर्जा और डिजिटल क्षेत्रों में सहयोग से भारत को नई दिशा मिलेगी।
यह बयान भारत के उभरते वैश्विक नेतृत्व को रेखांकित करता है।