मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कैबिनेट ने सरकारी कर्मियों के सोशल मीडिया व्यवहार को नियंत्रित करने वाला महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन में 1976 की आचरण नियमावली का आधार लिया गया है। गुरुवार की बैठक में यह फैसला हुआ।
कैबिनेट सचिव के मुताबिक, सोशल मीडिया के दुरुपयोग के उदाहरण बढ़ रहे थे, जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स, व्हाट्सएप पर अनुचित गतिविधियां। इसके जवाब में स्पष्ट नियम बने हैं जो अनुशासन सुनिश्चित करेंगे।
मुख्य निर्देश- प्राधिकरण अनुमति के बिना कोई अकाउंट न बनाएं या चलाएं। आधिकारिक नंबर-ईमेल न जोड़ें। पद प्रतिष्ठा या सरकारी सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली सामग्री न डालें। निजी मत और आधिकारिक कर्तव्य न मिलाएं।
सरकारी कामयाबी को व्यक्तिगत न ठहराएं। अज्ञात नामों से न चलाएं, विशिष्ट लोगों या संस्थाओं का पक्ष न लें। नीतियों, अदालती फैसलों पर टिप्पणी न करें। गोपनीयता भंग न करें, ऑफिस से जुड़ी वीडियो-लाइव न करें।
व्यापार समर्थन, व्याख्यान आय, दस्तावेज लीक, संवेदनशील पहचानें उजागर न करें। आपत्तिजनक टिप्पणियां, विरोध चिह्न न अपनाएं। विभिन्न विभागों के 31 प्रस्तावों पर भी सहमति बनी।