ऑस्ट्रेलियाई हॉकी सितारे माइकल नोब्स, जो भारतीय टीम के पूर्व कोच रहे, का 72 साल की उम्र में गुरुवार को देहांत हो गया। गंभीर बीमारी से जूझ रहे नोब्स ने वैश्विक हॉकी को समृद्ध किया।
परिवार में पत्नी ली कैप्स, पूर्व ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी और बेटी कैटलिन, जो महिला राष्ट्रीय टीम में सक्रिय हैं। नोब्स ने डिफेंडर के तौर पर 1979-85 में 76 मैच खेले, 1981 विश्व कप और 1984 ओलंपिक में योगदान दिया।
भारत में 2011 का दौर चुनौतीपूर्ण था—बीजिंग 2008 से चूक। नोब्स ने नेतृत्व किया, क्वालीफायर जीते, लंदन 2012 पहुंचे, लेकिन खराब प्रदर्शन से विदाई हुई।
फिर भी, जून 2011 से जुलाई 2012 तक उन्होंने खिलाड़ियों में पेशेवरता भरी। फिटनेस और अनुशासन ने लंबे समय तक फायदा दिया। जापान में भी उनका कोचिंग सफर उल्लेखनीय।
हॉकी ऑस्ट्रेलिया का बयान मार्मिक: परिवार और हॉकी समुदाय को गहरी संवेदनाएं। वे खेल के सच्चे सिपाही थे। नोब्स की स्मृति भारतीय हॉकी के सुनहरे अध्यायों में बनी रहेगी।
उनका योगदान भुलाया नहीं जा सकेगा। हॉकी परिवार शोक संतप्त है।