प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शीर्ष आईटी कंपनियों के नेताओं के साथ हुई बैठक ने एआई के भविष्य को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने का संकल्प जताया। नई दिल्ली में आयोजित इस गुरुवार की चर्चा में भारतीय मूल्यों को तकनीक से जोड़ने पर बल दिया गया।
एचसीएल के सी विजयकुमार ने पीएम की दूरदृष्टि की सराहना की, जो वैश्विक स्तर के एआई समाधानों पर केंद्रित है। एलटीआई माइंडट्री के सीईओ वेणुगोपाल लम्बू ने इसे प्रेरक संवाद करार दिया, जिसमें विकास, स्वास्थ्य और विश्व प्रभाव पर बात हुई।
टीसीएस प्रमुख कृतिवासन ने स्वावलंबन और डेटा सुरक्षा पर प्रकाश डाला। विप्रो के श्रीनि पल्लिया ने कौशल सशक्तिकरण, स्वदेशी ऐप्लिकेशन, स्वतंत्र बुनियादी ढांचे और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की योजना बताई।
पीएम ने यूपीआई मॉडल से एआई आत्मनिर्भरता के उदाहरण दिए। जोहो के श्रीधर वेम्बू ने हर भारतीय के लिए एआई उपयोगिता पर चर्चा का जिक्र किया। अदाणी कॉनेक्स के जयाकुमार ने एआई को इंफ्रास्ट्रक्चर से आगे भारतीय भावना वाली इकाई बताया।
इन बयानों से साफ है कि भारत एआई में नैतिक और सांस्कृतिक नेतृत्व ग्रहण करने को तैयार है। उद्योग और सरकार का यह तालमेल तकनीकी क्रांति लाएगा।