बदलते वैश्विक परिदृश्य में भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार pact एक नई उम्मीद की किरण है। स्वीडन दूतावास के प्रमुख जान थेस्लेफ ने बताया कि यह ऐतिहासिक कदम भारत की प्रतिभा को वैश्विक मंच पर ले जाएगा और नौकरियों के द्वार खोलेगा।
साक्षात्कार में थेस्लेफ ने कहा कि समझौता विश्वास का प्रतीक है। यह यूरोपीय फर्मों के लिए भारत में और भारतीयों के लिए यूरोप में रास्ते सुगम बनाता है। छोटी-मध्यम उद्यमों को विशेष लाभ, क्योंकि यहीं इनोवेशन और रोजगार का केंद्र है।
उच्च स्तरीय बैठकों ने व्यवसायों को आश्वासन दिया। स्वीडन की 400 कंपनियां भारत में ईयू की 7 प्रतिशत हैं—निवेश का स्पष्ट संदेश। निर्माण, उत्पाद विकास यहां होगा। तकनीकी साझेदारी बढ़ेगी।
स्वीडन ऑटोमोटिव, आईटी, दवा क्षेत्रों में अग्रणी। 75-80 भारतीय फर्मों ने स्वीडन में निवेश किया है। यह मूल्य सृजन और रोजगार का द्विपक्षीय चक्र है। कुशल विनिमय से भारत मजबूत होगा।
स्वीडन में भारतीय सबसे अधिक आ रहे हैं, 2030 तक 1 प्रतिशत आबादी। प्रतिभाशाली युवाओं के लिए नई संभावनाएं। दूरी सिमट रही है, सहयोग गहरा हो रहा।