चंडीगढ़ से एक बड़ी खबर आ रही है जहां जालंधर के सांसद और पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने केंद्र से गुरु रविदास महाराज की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश बनाने की मांग की है। 1 फरवरी 2026 को होने वाले इस प्रकाश पर्व के लिए उन्होंने लोकसभा स्पीकर को विस्तृत पत्र भेजा है।
पत्र में चन्नी ने बताया कि गुरु रविदास जी समाज सुधारक, दार्शनिक और समानता के उपासक थे। वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर सहित उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों में उनकी जयंती धूमधाम से मनाई जाती है। भक्त मेलों, भजन संध्या और सामाजिक सभाओं में लाखों की संख्या में जुटते हैं।
समस्या तब उत्पन्न होती है जब यह दिन बजट सत्र से टकरा रहा है। रविवार होने के बावजूद सांसदों की उपस्थिति अनिवार्य होगी, जिससे पर्व की श्रद्धा प्रभावित होगी। चन्नी ने सरकार से संसदीय शेड्यूल में बदलाव कर इस विरासत को सम्मान देने का आग्रह किया।
यह पहल सामाजिक न्याय की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। यदि स्वीकार किया गया तो करोड़ों अनुयायियों की भावनाओं का सम्मान होगा और राष्ट्रीय एकता को बल मिलेगा।