देश के मुख्य आर्थिक सलाहकार अनंत नागेश्वरन ने रुपए की मौजूदा कमजोरी को सामान्य बताया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि डॉलर के सामने रुपए का दबाव अन्य इमर्जिंग मार्केट करेंसीज के समांतर है।
गुरुवार को रुपया 0.12 पैसे गिरकर 91.94 पर बंद हुआ। सोने के उछाल से आयात खर्च बढ़ा है, लेकिन नागेश्वरन ने अर्थव्यवस्था की मजबूती पर जोर दिया। केंद्र और राज्यों के सुधार, निर्यात में तेजी से रुपए की छवि मजबूत होगी।
उन्होंने कहा, ‘कुछ बाहरी कारक हमारे बस से बाहर हैं, लेकिन निरंतर विकास निवेशकों का ध्यान खींचेगा।’ मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देकर जीडीपी ग्रोथ 7.5-8% तक संभव है, सर्वेक्षण के अनुमान से अधिक।
यह बयान निवेशकों को भरोसा दिलाता है कि रुपए की स्थिति वैश्विक संदर्भ में सामान्य है और भारत की मजबूत नींव भविष्य में सुधार लाएगी। बाजार अब सुधारों पर नजर रखेगा।