महिलाओं पर हो रही अमानवीय हिंसा से जूझते स्वीडन में प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने नया दौर शुरू किया है। बुधवार को स्टॉकहोम प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ‘क्विनोफ्रिड’ मंत्रिस्तरीय परिषद की अगुवाई करने की बात कही, जो सरकारी एजेंसियों को एकजुट कर मानसिक रोगियों की हिंसा, घरेलू मारपीट और परिवारजनकृत सम्मान हिंसा पर प्रहार करेगी।
मंत्रिमंडल ने पैरोल शर्तों को सख्त और पुनरावर्ती अपराधियों की जांच को प्रभावी बनाने का फैसला कर लिया है। यह कदम 2025 के अंत में आई भयंकर घटनाओं के बाद आया है। बोडेन में 25 दिसंबर को एक महिला की बर्बर हत्या हुई, जबकि रॉनिंगे में 26-27 दिसंबर को युवती का मृत शरीर मिलने से हत्या का खुलासा हुआ। इनसे जोखिम आकलन पर सवाल उठे।
न्याय मंत्री गुन्नार स्ट्रोमर का बयान स्पष्ट है- ‘यहां महिला होना मौत का पैगाम नहीं देना चाहिए। खतरे के साये को जेल की सलाखों के पीछे धकेलें।’ ऐतिहासिक रूप से ‘क्विनोफ्रिड’ महिलाओं की रक्षा के लिए 13वीं सदी के कानूनों से जुड़ा है। यह परिषद नीतिगत सुधार, जागरूकता अभियान और पीड़ित सहायता से हिंसा की जड़ें उखाड़ फेंकेगी, स्वीडन को सुरक्षित बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।