सरकार का नया आधार ऐप उपयोगकर्ताओं के लिए वरदान साबित होगा, जो पहचान जांच को मोबाइल पर ही संभव बनाता है। लॉन्च के साथ ही यह तेजी, सुरक्षा और सुविधा का नया मानक स्थापित कर रहा है। फिजिकल आधार की चिंता खत्म, डिजिटल तरीके से शेयर करें।
विशेष रूप से, केवल जरूरी डिटेल्स शेयर करने की सुविधा। होटल में क्यूआर स्कैन, फेस वेरिफाई से आमने-सामने पुष्टि, सिनेमा के लिए एज चेक – सब कुछ ऐप में। ऑफलाइन मोड में भी काम करता है।
विविध उपयोग: विजिटर एंट्री, गिग इकोनॉमी वेरिफिकेशन, फैमिली प्रोफाइल मैनेजमेंट। बायो लॉक, हिस्ट्री ट्रैक, मोबाइल अपडेट जैसी फीचर्स से केंद्र जाने की जरूरत नहीं। पांच आधार एक डिवाइस पर।
प्राइवेसी सुनिश्चित: आधार नंबर स्टोरेज पर रोक, केवल सत्यापित डेटा। डीपीडीपी अनुपालन के साथ। यूआईडीएआई का प्रयास, जितिन प्रसाद द्वारा उद्घाटन।
सचिव एस. कृष्णन ने सराहा कि यूजर्स को नियंत्रण मिलेगा। अधिकारी कहते हैं, कस्टमाइज्ड क्यूआर से पेपरलेस युग शुरू। आगामी अपडेट्स से और मजबूत होगा। यह ऐप डिजिटल जीवन को सरल बनाएगा।