संसद में पेश इकोनॉमिक सर्वे ने 2026-27 में 6.8-7.2 प्रतिशत जीडीपी वृद्धि का पूर्वानुमान लगाया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के मध्य भारत की घरेलू अर्थव्यवस्था अडिग खड़ी है।
महंगाई निचले पायदान पर, वित्तीय मोर्चे पर सुधार, सरकारी निवेश से गति तथा उपभोग-निवेश में मजबूती बाहरी झटकों से रक्षा करती है। सीपीआई रीबेसिंग से सतर्कता जरूरी।
व्यापार साझेदारों की सुस्ती, शुल्क अवरोध तथा निवेशक विश्वास पर दबाव संभव, किंतु अमेरिकी समझौते से सुधार की आशा। सुधारों का फलस्वरूप विकास क्षमता 7 प्रतिशत तक।
विश्व अर्थव्यवस्था मंद, कच्चे माल स्थिर, एआई तथा व्यापार युद्ध जोखिमपूर्ण। फिर भी, भारत की संतुलित स्थिति विकास पथ पर अग्रसर रखेगी।