गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले सुभाष घई ने इस मुलाकात को बेहद प्रेरणादायी बताया। मुंबई के मशहूर निर्देशक ने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी भावनाएं व्यक्त कीं और राष्ट्रपति की संघर्षपूर्ण यात्रा पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि मुर्मु जी का सफर उन तमाम बच्चों और नौजवानों के लिए सबक है जो मानते हैं कि ऊंचाइयां सिर्फ विशेष वर्ग के लिए हैं। उनकी मेहनत और संकल्प से साबित होता है कि इरादा पक्का हो तो कोई मंजिल दूर नहीं। फोटो के साथ पोस्ट में घई ने सुझाव दिया कि उनकी जीवनी पर आधारित फिल्म बननी चाहिए।
यह कहानी हर लेखक-निर्देशक के लिए चुनौती और सम्मान दोनों होगी। घई ने राष्ट्रपति भवन के रिसेप्शन में प्रधानमंत्री मोदी से हुई बातचीत का भी जिक्र किया। पीएम की नजरों की गहराई और स्वागत की मुस्कान ने उन्हें प्रभावित किया।
मोदी जी के आकर्षक व्यक्तित्व की तारीफ करते हुए घई ने उनके स्वास्थ्य और खुशहाली की प्रार्थना की। गणतंत्र दिवस का यह दिन उनके लिए नेताओं की मानवीय छवि को करीब से देखने का मौका बना।
ऐसे अनुभव भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और प्रेरणा स्रोतों को उजागर करते हैं, जो समाज के हर वर्ग को प्रोत्साहित कर सकते हैं।