संसद में गुरुवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आर्थिक सर्वेक्षण 2026 पेश किया गया। वैश्विक चुनौतियों और अमेरिका के संभावित टैरिफ के बीच यह दस्तावेज भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूत छवि प्रस्तुत करता है।
इसमें चालू वित्त वर्ष 2025-26 और अगले 2026-27 के लिए विकास दर के पूर्वानुमान हैं। बजट का अग्रदूत यह रिपोर्ट पिछले साल की आर्थिक समीक्षा और आने वाले परिदृश्यों को उजागर करती है।
वी. अनंत नागेश्वरन आर्थिक सलाहकार के रूप में नीति सुधारों के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से बताएंगे, जिनमें मुद्रा अवमूल्यन और अंतरराष्ट्रीय तनाव प्रमुख हैं।
पीएम मोदी ने सीतारमण की उपलब्धि का जश्न मनाया, जो नौ बजट लगातार पेश करने वाली पहली महिला हैं। इसे उन्होंने संसद के गौरवशाली अध्याय कहा।
बजट सत्र भाषण में इसे सामूहिक उपलब्धि बताया। 1 फरवरी को 15वां केंद्रीय बजट आएगा, एनडीए के तीसरे कार्यकाल का दूसरा पूर्ण बजट।
दशक भर की मेहनत से क्षेत्रीय मजबूती मिली है, जो स्थायी प्रगति सुनिश्चित करेगी। सत्र 65 दिनों का, 30 बैठकें, 13 फरवरी तक पहला चरण, फिर 9 मार्च से दूसरा।
28 जनवरी से शुरू सत्र मंत्रालयी व्ययों की जांच के लिए रुकेगा। सर्वेक्षण आशावादी संकेत देता है।