अमेरिकी फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने महंगाई के बढ़ते ग्राफ के पीछे टैरिफ को मुख्य कारण बताया। मांग की अधिकता नहीं, बल्कि आयात शुल्क जिम्मेदार हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्थाएं इस पर निगाहें गड़ाए हैं।
बुधवार को पॉवेल ने कहा, वस्तु क्षेत्र में कीमतें टैरिफ से चढ़ीं, सेवाओं में गिरावट आ रही। एफओएमसी ने दरें अपरिवर्तित रखीं। टैरिफ का प्रभाव एकबारगी है, जल्द शिथिल होगा।
पीसीई आंकड़े 3.0 और 2.9 प्रतिशत पर स्थिर। फेड हर बैठक में फैसला लेगा। अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही, हाउसिंग छोड़कर। यह महंगाई नियंत्रणीय है। अमेरिका-भारत व्यापार पर व्यापक प्रभाव।