वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसदीय इतिहास रचने जा रही हैं। 1 फरवरी को वे केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी, जो उनका नौवां लगातार बजट होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को इसे ‘संसद का गौरवपूर्ण पल’ कहा और सीतारमण को पहली ऐसी महिला बताया जिन्होंने यह कारनामा किया।
संसद में आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने से पूर्व पीएम ने कहा, ‘सदी का एक-चौथाई भाग समाप्त हो चुका। अब दूसरे कालखंड का आरंभ है। विकसित भारत 2047 का सपना साकार करने हेतु आगामी 25 वर्ष स्वर्णिम अवसर हैं। यह बजट नई शुरुआत का प्रतीक बनेगा।’
एनडीए की 2024 में तीसरी पारी के बाद यह दूसरा पूर्ण बजट होगा। बजट निर्माण में वित्त मंत्री के साथ अफसरों की मजबूत टीम जुटी है। आर्थिक सचिव अनुराधा ठाकुर बजट की मुख्य वास्तुकार हैं, जो 2026-27 के लिए आर्थिक रोडमैप तैयार कर रही हैं।
वे संसाधनों का न्यायोचित बंटवारा, खर्च पर अंकुश और स्थिरता सुनिश्चित करती हैं। सीईए वी. अनंत नागेश्वरन कृषि-उद्योग-सेवा क्षेत्रों के विश्लेषण सहित वैश्विक आंकड़े प्रदान करते हैं। राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव जीएसटी-आयकर जैसे करों का प्रबंधन करेंगे।
व्यय सचिव वुमलुनमंग वुअलनाम सब्सिडी और योजनाओं पर नजर रखेंगे। वित्तीय सेवा सचिव एम. नागराजू बैंकों व बीमा को मजबूत बनाएंगे। अरुणिश चावला सार्वजनिक संपदा के बेहतर उपयोग पर काम कर रहे हैं।
देशवासी उम्मीद बांधे हैं कि यह बजट महंगाई पर काबू, विकास को गति और आम आदमी को राहत देगा। सीतारमण का अनुभव भारत को आत्मनिर्भर बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।