डिजिटल युग में स्क्रीन के आगे घंटों बैठना गर्दन, सर्वाइकल और कमर दर्द का कारण बन रहा है। एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि सही पोस्चर, एक्सरसाइज और समय-समय पर ब्रेक से इन मुश्किलों पर काबू पाया जा सकता है।
आदर्श स्थिति में स्क्रीन आंखों से आमने-सामने हो, गर्दन झुकाव न हो। रीढ़ सीधी, कंधे शिथिल, गर्दन समर्थित। डेस्कटॉप मॉनिटर आंख लेवल पर या थोड़ा नीचे—सिर हिलाने की जरूरत न पड़े। कीबोर्ड कोहनी 90-100 अंश पर, एल्बो हाइट पर रखें। कंधे-गर्दन का तनाव कम होगा।
लैपटॉप की कम स्क्रीन ‘टेक नेक’ पैदा करती है, स्टैंड से इसे ऊंचा करें। गर्दन व्यायाम अनिवार्य—धीमी आगे-पीछे, साइड टर्न्स। मांसपेशियां ताकतवर होंगी, सहनशक्ति बढ़ेगी।
30-45 मिनट बाद जरूर रुकें—वॉक करें, नेक स्ट्रेचिंग। अच्छी कुर्सी लें, पैर फ्लोर पर। लैपटॉप पर निर्भरता ज्यादा तो बाहर का कीबोर्ड-माउस जोड़ें। लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
रोजाना व्यायाम ऑफिस हेल्थ सुधारता है। तीव्र दर्द में चिकित्सक सलाह लें। स्मार्ट आदतें अपनाकर दर्दमुक्त काम करें।