तेजी से बदलती दुनिया में मानसिक अशांति आम हो गई है। डर, घबराहट, नींद की कमी और नेगेटिविटी जीवन को कठिन बना रही है। आयुष के अनुसार, काली मुद्रा इस संकट का समाधान है। यह योग मुद्रा दिमाग और शरीर के बीच सामंजस्य स्थापित कर डिप्रेशन दूर भगाती है।
यह आसन आंतरिक ऊर्जा जागृत करता है, विचारों का कचरा साफ करता है और कॉन्फिडेंस भरता है। दैनिक भागमभाग में उपयोगी।
शरीर की नाड़ी प्रणाली में सुषुम्ना केंद्रीय है। काली मुद्रा इसे सक्रिय कर मानसिक शांति लाती है, एकाग्रता में वृद्धि करती है।
श्वास-प्रश्वास बेहतर होता है, फेफड़े मजबूत, ऑक्सीजन सप्लाई बढ़ती है। अकड़न और थकान गायब।
दिमागी कोहरे को हटाती, फोकस तेज करती। परीक्षा या काम के दबाव में सहायक। भावनाओं को वश में कर स्थिरता देती।
चक्रों पर असर: मूलाधार सुरक्षा, मणिपुर शक्ति। साहस और आशावाद उभरता है।
करना आसान: बैठ या खड़े होकर उंगलियां गुंथें, इंडेक्स ऊपर। सांस पर ध्यान, नेगेटिविटी छोड़ें। छोटे सत्र से शुरुआत। स्थायी लाभ के लिए नियमित करें।