अमेरिकी सीनेट में मार्को रुबियो ने वेनेजुएला संकट के पीछे का सच खोला। मादुरो शासन ने चीन को सस्ते में तेल देकर उसे ताकतवर बनाया था। प्रति बैरल 20 डॉलर की छूट या कर्ज समायोजन के जरिए बीजिंग को फायदा हो रहा था। यह अमेरिका के बिल्कुल करीब दुश्मनों की घुसपैठ थी।
रुबियो ने इसे “हमारे गोलार्ध में शत्रुओं का अड्डा” करार दिया। चीन, रूस और ईरान सब अपने हित साध रहे थे। खतरे को भांपते हुए अमेरिका ने तेल व्यापार पर पाबंदी लगाई। अब चीन को बाजार दर पर ही तेल लेना होगा। कमाई वाले फंड वेनेजुएला जनता के हित में सुरक्षित हैं।
चीन का तरीका आर्थिक जाल है – खराब सौदों से देशों को फंसाना। मगर अब पनामा जैसी जगहें बाहर आ रही हैं। लैटिन अमेरिका में बदलाव आ रहा है। रुबियो ने कहा, अमेरिका सुनिश्चित करेगा कि वेनेजुएला दुश्मनों का खेल का मैदान न रहे। यह कदम पश्चिमी गोलार्ध की सुरक्षा के लिए मील का पत्थर साबित होगा।