नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने रूस-यूक्रेन युद्ध के चपेट में फंसे भारतीय युवाओं के लिए केंद्र सरकार से फौरी कदम उठाने की मांग की है। प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और राज्य मंत्री को लिखे पत्र में उन्होंने लापता लोगों की तलाश और बाकी फंसे लोगों को सुरक्षित लाने पर जोर दिया।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रमुख से दिल्ली में 24 परिवारों ने गुहार लगाई। ट्रैवल एजेंटों के जाल में फंसे युवक अब संपर्क से बाहर हैं। परिजन उनकी जिंदगी और ठिकाने की खबर न मिलने से टूट चुके हैं। बेनीवाल ने इस पीड़ा को गंभीरता से लिया।
विदेश मंत्रालय के बयान से साफ है कि 211 भारतीय प्रभावित हुए। 27 की दर्दनाक मौत, 121 की सुरक्षित वापसी, लेकिन 63 अभी खतरे में। उन्होंने प्राथमिकता से बचाव, नियमित जानकारी और परिवारों को मुआवजे की अपील की।
पिछले साल लोकसभा में शून्यकाल में बेनीवाल ने छात्रों-युवाओं की वापसी के लिए दबाव बनाया था। वीजा के नाम पर धोखा देकर इन्हें सैन्य मोर्चे पर धर दबोचा गया। विभिन्न राज्यों के ये युवा अब सरकार की प्राथमिकता हैं।
बेनीवाल का यह प्रयास निरंतर है। राजनयिक स्तर पर सक्रियता से शेष भारतीयों को जल्द घर लाने की उम्मीद है। परिवार चिंता में डूबे हैं, लेकिन सांसद के प्रयासों से राहत की किरण दिख रही है।