पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन धन संग्रह के लिए चालाकीपूर्ण रणनीतियां अपना रहे हैं, जो एक रिपोर्ट में सामने आई हैं। ये समूह मानवीय मदद के नाम पर, मस्जिदें बनवाने और राहत अभियानों के जरिए दुनिया से पैसे जुटा रहे हैं, साथ ही कट्टर इस्लामी प्रचार फैला रहे हैं।
तुर्की पत्रकार उजाय बुलुत ने पीजे मीडिया में लिखा कि पाकिस्तान का आतंकी फंडिंग में लिप्त रहना कोई नई बात नहीं। वह वैश्विक दबाव के बावजूद कड़े उपायों से परहेज कर रहा है।
जैश-ए-मोहम्मद गाजा के बहाने चंदा मांग रहा है। मसूद अजहर के पुत्र हम्माद ‘कैसर अहमद’ के नाम से ऑनलाइन सक्रिय हैं। वह सहायता वीडियो शेयर कर ‘खालिद अहमद’ के डिजिटल खाते में दान मांगते हैं। पाक व खाड़ी से भारी फंड आ रहा है।
संगठन ने मस्जिद निर्माण के नाम पर भी बड़ा कदम उठाया। 300 से अधिक मस्जिदों व 313 केंद्रों के लिए ऑनलाइन 3.91 अरब रुपये एकत्र किए गए।
लश्कर-ए-तैयबा ने भी डिजिटल वॉलेट अपना लिए हैं, बैंकिंग से बचने को। इनका मकसद इस्लामी खिलाफत बनाना है, जहां शरिया का राज हो। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि इन पर लगाम लगाना जरूरी है।