महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार की प्लेन क्रैश में असामयिक मृत्यु ने राज्य को हिलाकर रख दिया। पुणे में केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने दर्द भरी नजरों से कहा कि अजित दादा के साथ उनके बेहतरीन ताल्लुकात थे। विकासोन्मुख सोच के चलते वे महायुति का हिस्सा बने।
मीडिया से बातचीत में आठवले ने पवार को प्रभावशाली व्यक्तित्व का धनी बताया। उनके बोलों में असर और फैसलों में धार थी। प्रशासन पर मजबूत पकड़ व समय की पाबंदी उनकी पहचान बनी। बिना लाग-लपेट के सच्चाई सामने रखते थे। महाराष्ट्र के प्रगतिशील राजनीतिक परिदृश्य में वे मजबूत खंभा थे, जो अब ढह गया।
पवार ने दलित समाज, मजदूर वर्ग और उपेक्षित तबकों के हितों में हमेशा स्पष्ट आवाज बुलंद की। सत्ता में या बाहर, उनका कथन सर्वमान्य रहता। उनकी स्मृति महाराष्ट्र की धरोहर बनेगी।
भुजबल ने जांच पर जोर दिया- पुलिस, डीजीसीए व एयरपोर्ट प्राधिकरण इस हादसे की तहकीकात करें। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष व डिप्टी सीएम के निधन से राजनीतिक समीकरण बदल सकते हैं। उन्होंने भावुक होकर कहा, ‘बहादुर और हंसमुख अजित दादा का जाना सदमा है। इससे उबरना आसान नहीं।’