तेलंगाना की राजनीति में नया मोड़ आ रहा है। विधानसभा अध्यक्ष गद्दम प्रसाद कुमार 30 जनवरी को दानम नागेंद्र की अयोग्यता याचिका सुनेंगे। 2023 में बीआरएस से खैरताबाद जीतने वाले नागेंद्र पर कांग्रेस समर्थन का इल्जाम है, जिसकी याचिका बीआरएस विधायक कौशिक रेड्डी ने दाखिल की।
नागेंद्र व याचिकाकर्ता को नोटिस जारी हुए। भाजपा के ए. महेश्वर रेड्डी की याचिका भी उसी दिन सुनी जाएगी।
नागेंद्र ने हलफनामा देकर सफाई दी कि बीआरएस से कोई इस्तीफा या निलंबन नहीं। कांग्रेस मीटिंग में जाना निजी फैसला था।
अध्यक्ष ने पहले 7 बीआरएस विधायकों की याचिकाएं नामंजूर कीं, प्रमाणाभाव का हवाला देकर। सभी तकनीकी रूप से बीआरएस में ही हैं।
पिछले वर्ष 8 मामलों में सुनवाई हो चुकी, संजय कुमार बाकी। नागेंद्र-श्रीहरि ने नोटिस नोटिस किया, सुनवाई रुकी।
बीआरएस आरोप लगाता है कि विधायकों ने कांग्रेस जॉइन की, बेंच शेयर की। नागेंद्र का लोकसभा चुनाव, श्रीहरि का बेटी प्रचार। विधायक कहते हैं, विकास के लिए सीएम से भेंट हुई।
यह सुनवाई दल-बदल कानून की परीक्षा लेगी, विधानसभा संतुलन प्रभावित हो सकता है।