विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) सिबी जॉर्ज ने नई दिल्ली में भारत-ईयू क्लीन एनर्जी एंड क्लाइमेट पार्टनरशिप (सीईसीपी) के तीसरे चरण का उद्घाटन किया। यूरोपीय आयोग में ऊर्जा महानिदेशक डिट्टे जूल जॉर्गेनसन की उपस्थिति ने इसकी अहमियत बढ़ाई। दूसरी ओर, भारत-यूरोपीय संघ एफटीए पूरा होने पर यूरोपीय नेताओं की बधाइयों का सिलसिला जारी है।
यह व्यापक व्यापार pact व्यापार, सेवाएं, उत्पत्ति नियम, सीमा शुल्क, व्यापार सुगमता के अलावा एसएमई और डिजिटल क्षेत्रों को समेटे हुए है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, यह ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन के एजेंडे को आगे बढ़ाएगा, जो स्थिरता और समृद्धि पर केंद्रित है।
भारतीय दूतावास भूटान ने इसे रणनीतिक सफलता बताया, जो भारत-ईयू को विश्वसनीय साझेदार बनाता है। खुले बाजारों और समावेशी प्रगति का संकल्प अब मजबूत हुआ है। फिनलैंड के राष्ट्रपति ने हिंदी में पीएम को बधाई दी, संबंधों को सुदृढ़ करने का भरोसा जताया।
अमेरिका के जेमीसन ग्रीर ने कहा कि अमेरिकी नीतियों से प्रभावित होकर ईयू भारत को निर्यात का नया गंतव्य बना रहा है। वैश्विक व्यापार में बदलाव के बीच यह समझौता भारत को मजबूत स्थिति देता है।
कुल मिलाकर, सीईसीपी और एफटीए से भारत-ईयू संबंधों में नया दौर शुरू हो गया है, जो ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देगा।