महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार का 28 जनवरी को बारामती प्लेन क्रैश में निधन हो गया। इस हृदयविदारक घटना पर पूर्व भाजपा नेता व अभिनेता गजेंद्र चौहान ने शोक प्रकट किया। उन्होंने अजित दादा के स्वर्गवास को राज्य के लिए अभूतपूर्व हानि बताया।
खबर की प्रामाणिकता पर यकीन न होने से चौहान स्तब्ध रह गए। टीवी चैनलों पर ब्रेकिंग न्यूज देखकर वास्तविकता कबूल की। प्रभु से कामना की कि चमत्कार हो, किंतु ऐसा न हुआ।
अजित पवार का सफर प्रेरणादायक था—बारामती से राज्यस्तरीय नेतृत्व तक। विकास परियोजनाओं में उनकी भूमिका सराहनीय। दबंग छवि वाले नेता ने सुशासन का उदाहरण दिया। महाराष्ट्र के परिवर्तन में उनका प्रमुख हाथ रहा।
हवाईअड्डा लाउंजों में हुई बातचीत सौम्य थी, महाभारत पर केंद्रित। कार्यों से प्रभावित चौहान ने कहा कि प्रशासक के नाते वे लोकरक्षक थे।
आकस्मिक विदाई से जनमानस आहत। युवा नेता से राज्य की प्रगति की आशाें थीं। परिजनों को संबल प्रदान हो, यही कामना। अजित दादा की स्मृति अमर रहेगी।