संजय कपूर के निधन से उपजी संपत्ति की लड़ाई अब कोर्ट के गलियारों में गूंज रही है। उनकी मां रानी कपूर की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने 29 जनवरी का दिन मुकर्रर किया है। मामला एक कथित फर्जी फैमिली ट्रस्ट का है, जिसे प्रिया कपूर और करिश्मा कपूर के बच्चों ने संपत्ति पर कब्जा जमाने के लिए बनाया बताया जा रहा है।
जस्टिस विकास महाजन ने बेंच से खुद को हटा लिया, जिससे गुरुवार को नया जज इसकी जांच करेगा। पहले 23 जनवरी की सुनवाई भी टल चुकी। रानी का दावा है कि बेटे के जाने के बाद उनकी कमजोर हालत का फायदा उठाकर धोखे से साइन करवा लिए गए। ट्रस्ट भंग करने की गुहार लगाई गई है।
परिवार में फूट गहरी हो चुकी है। करिश्मा के लाडले प्रिया पर जाली वसीयत का आरोप ठहरा रहे हैं, जबकि प्रिया सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं और तलाकी दस्तावेजों की मांग की। करिश्मा को नोटिस मिला, जवाब के लिए 14 दिन का वक्त। ऊपर से संजय की बहन पर प्रिया का मानहानि सूट।
यह उलझा हुआ केस न केवल कपूर खानदान को बांट रहा, बल्कि सोना कोमस्टार जैसे कारोबारी साम्राज्य के भविष्य पर साया बन रहा है। कोर्ट का फैसला सबकी नजरों में है।