भारत की राजधानी में लिथुआनिया की राजदूत डायना मिकेवीसिएने ने ईयू-भारत एफटीए को परिवर्तनकारी और ऐतिहासिक बताते हुए सभी सौदों की मां कहा। उन्होंने इसके भव्य आकार, गहन प्रभाव और वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।
यह समझौता दो विशाल व्यापारिक ब्लॉकों व लोकतंत्रों को जोड़ेगा, जो वैश्विक उथल-पुथल में स्थिरता का प्रतीक बनेगा। सामान्य व्यापार से कहीं आगे, यह लोकतांत्रिक साझेदारी का नया मानक स्थापित करेगा।
व्यवसायों के लिए बाजारों के विशाल द्वार खुलेंगे। भारत की आपूर्ति श्रृंखला भूमिका मजबूत होगी, जबकि ईयू के साथ निकटता रणनीतिक लाभ देगी। भारत का व्यापारिक विकास प्रशंसनीय है, और आगे की राह चमकदार दिखती है।
लिथुआनिया ने ईयू बाजार से समृद्धि पाई, अब भारत साझेदारी नई गति देगी। सालाना 400 मिलियन यूरो का व्यापार वास्तविकता से परे कम है। कम टैरिफ, सरल नियम और बाजार पहुंच से वृद्धि संभव।
सरकार व्यापारियों को जागरूक करेगी। उच्च आय वाले लिथुआनियाई भारतीय सामान अपनाने को तैयार। अमेरिकी नीतियों के दौर में यह मजबूत विकल्प। राजनीतिक समर्पण से कार्यान्वयन सहज होगा, तकनीकी सहयोग बढ़ेगा।