दक्षिण कोरिया में न्याय की एक नई मिसाल कायम करते हुए सियोल कोर्ट ने पूर्व फर्स्ट लेडी किम कियोन ही को यूनिफिकेशन चर्च से लग्जरी गिफ्ट्स लेने के अपराध में एक साल आठ महीने की कैद की सजा सुनाई। यह सजा उनके पति, पूर्व राष्ट्रपति यून सुक येओल के साथ मिलकर देश का पहला ऐसा दंपति बनाती है जो जेल पहुंचा।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि किम ने पद का लाभ उठाकर चर्च अधिकारी से डिजाइनर बैग और महंगा हार लिया, जो व्यवसाय को फायदा पहुंचाने के बदले था। उन्होंने चर्च की फंडरेजिंग अपीलों को नजरअंदाज कर निजी शौक को तरजीह दी। एक पुराना गिफ्ट रिश्वत की श्रेणी से बाहर रहा।
15 साल जेल की मांग ठुकराते हुए जज ने शेयर बाजार में हेरफेर और फंडिंग नियम तोड़ने के गंभीर इल्जामों से बरी किया। डॉयच मोटर्स स्टॉक स्कैम में संलिप्तता संदिग्ध रही, लेकिन सिद्ध न हुई। 12.8 मिलियन वॉन की जब्ती का आदेश आया।
कस्टडी में रहते किम ने आरोप अस्वीकार किए। येओल पर मार्शल लॉ केस में पांच साल काट रहे हैं। अभियोजन पक्ष फैसले से नाराज है और अपील करेगा, वहीं बचाव पक्ष इसे सख्त बताकर रणनीति बना रहा।
यह घटनाक्रम सियोल की सत्ता हलकों में व्याप्त भ्रष्ट गतिविधियों को आईना दिखाता है। राजनीतिक प्रभाव का दुरुपयोग, लग्जरी की लिप्सा और जांच एजेंसियों की सतर्कता अब बहस का केंद्र हैं, जो लोकतंत्र की मजबूती के लिए चुनौती पेश कर रहे हैं।