उत्तर प्रदेश सरकार और जापान के यामानाशी प्रांत के प्रतिनिधियों के बीच लखनऊ में हुई बैठक ने पर्यटन सहयोग को बहुआयामी रूप प्रदान किया। वेलनेस, गोल्फ टूरिज्म, क्यूजीन, बौद्ध स्थल, साहित्य एवं शिक्षा पर्यटन जैसे क्षेत्रों में साझेदारी की रूपरेखा बनी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बैठक की अगुवाई की।
जयवीर सिंह ने जोर दिया कि भारत-जापान मित्रता की जड़ें संस्कृति में हैं। प्रदेश के प्रमुख बौद्ध तीर्थ—सारनाथ, कुशीनगर व कपिलवस्तु—पर्यटन को मजबूत आधार देंगे। जापान में ‘यूपी फेस्टिवल’ की योजना से प्रदेश की परंपराएं जापान पहुंचेंगी।
अमृत अभिजात ने जापानी दर्शन का भारतीय संस्कृति से तुलनात्मक विश्लेषण किया। वेलनेस सहयोग के साथ-साथ आगरा-लखनऊ-वाराणसी गोल्फ कोर्स को खेल पर्यटन का हथियार बताया। उन्होंने विशेष टूर पैकेज बनाने का आग्रह किया, जिसमें व्यंजन, साहित्यिक आयोजन और ज्ञान यात्राएं शामिल हों।
उप-राज्यपाल जुनिची इशिडेरा ने एमओयू के बाद प्रगति पर संतोष जताया। यामानाशी को यूपी का गेटवे बताते हुए अगस्त 2025 के बड़े प्रतिनिधिमंडल दौरे का ऐलान किया। यह कदम व्यापार, पर्यटन व संस्कृति को गति देगा, जिससे यूपी का पर्यटन मानचित्र वैश्विक बनेगा।