दुनिया की सबसे अधिक आबादी वाला देश अब घटते संख्याओं से जूझ रहा है। 2024 के आंकड़े चिंताजनक हैं: 79.2 लाख जन्म, 17 प्रतिशत की कमी; 1.13 करोड़ मौतें और 33.9 लाख की कुल गिरावट। समाज तेजी से बूढ़ा हो रहा है।
पहले की सख्त नीतियों का बोझ है, अब प्रोत्साहन जैसे 10,800 युआन की सब्सिडी, मातृत्व बीमा, विवाह सरलीकरण और तलाक जटिलता भी पर्याप्त नहीं। शादियों में 2024 का न्यूनतम 61 लाख था, लेकिन 2025 में 8.5 प्रतिशत रिकवरी के संकेत। शंघाई 38.7 प्रतिशत और फुजियान 12 प्रतिशत आगे।
युवाओं की चिंताएं स्पष्ट हैं—बढ़ती कीमतें, असुरक्षित आवास, कठिन कामकाज। माता-पिता बनने की इच्छा कमजोर। अनुमान: 2025 में 69 लाख विवाह, 2026 में जन्म 80 लाख पार।
परिणाम भयावह: श्रमिक कमी, पेंशन दबाव, खपत में गिरावट। घरेलू मांग पर निर्भर अर्थव्यवस्था को झटका। बिना सामाजिक समर्थन, सस्ते घर, संतुलित नौकरी और देखभाल के ये नीतियां अपर्याप्त रहेंगी। चीन को जनसांख्यिकीय पुनरुद्धार के लिए क्रांतिकारी कदम उठाने होंगे।