मुंबई की क्रिकेट मिट्टी ने विनोद कांबली को जन्म दिया, जो सचिन तेंदुलकर के बचपन के जोड़ीदार बने। 1972 में पैदा हुए कांबली का इंतजार लंबा खिंचा। टेस्ट डेब्यू 1993 में इंग्लैंड के खिलाफ इडन गार्डन्स पर। वह तारीख थी 29 जनवरी—आज से ठीक 33 साल पहले।
अजहरुद्दीन ने टॉस जीतकर बोलिंग का फैसला लिया। इंग्लैंड 163 पर ऑलआउट। भारत की पहली पारी में कप्तान के 182 रनों से 371 का मजबूत स्कोर। कांबली नंबर 3 पर 16 रनों पर आउट। बढ़त 208 रन। फॉलोऑन में इंग्लैंड 286। भारत ने 79 रन 8 विकेट से जीते, कांबली 18* पर नाबाद।
करीब दो साल में 17 टेस्ट, 21 पारियां—1084 रन, 54.20 औसत, 4 शतक, 3 हाफसेंचुरी, 227 का बेस्ट। फिर ड्रॉप। वनडे करियर लंबा: 104 मैच, 2477 रन, 2 शतक, 14 अर्धशतक। 2000 में विदाई।
प्रारंभिक आकलन में तकनीकी रूप से श्रेष्ठ, लेकिन जीवनशैली ने बाधा डाली। पछली खबरें बीमारी-आर्थिक तंगी की। अब वादा है—खुद को फिट करना, बेटे को तैयार करना। स्वास्थ्य सुधार जारी है।