अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने चिंता जताई है कि भारत-अमेरिका के प्रमुख सुरक्षा मंच क्वाड और 2+2 संवादों में रुक्षता आ रही है। आइएएनएस को दिए एकमात्र साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच तनाव इंडो-प्रशांत में भरोसे की बुनियाद को कमजोर कर रहा है।
ट्रंप के दूसरे कार्यकाल से स्थिति में बड़ा बदलाव आया है। सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के मुखिया वार्नर ने बताया कि इन तंत्रों को लगातार राजनीतिक समर्थन चाहिए, लेकिन मौजूदा सरकार ने उपेक्षा की है।
“ये कोशिशें—2+2 और क्वाड—विश्वास निर्माण के साधन हैं। इन पर बहुत मेहनत लगती है और सीमित परिणाम भी मायने रखते हैं,” उन्होंने स्पष्ट किया। क्वाड के चार देशों की उच्चस्तरीय चर्चाओं का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें नजरअंदाज करना लंबी चुनौती है।
वार्नर ने संबंधी तनाव को जिम्मेदार ठहराया। क्वाड गतिविधियों से सैन्य रिश्ते मजबूत लगते हैं, मगर वॉशिंगटन की अनियमितता से साझेदारों में शक पैदा हो रहा है। “चीन को अधिक विश्वसनीय मानने वाली सोच खतरनाक है, खासकर भारत के संदर्भ में।”
“साथी देशों का अपमान विश्वास घटाता है,” उन्होंने कहा। चीन की बढ़ती सक्रियता के दौर में क्वाड सुरक्षा और स्थिरता का प्रमुख प्लेटफॉर्म है। भारत इन्हें शक्ति संतुलन, स्वतंत्रता बनाए रखने और गठजोड़ मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण मानता है।
वार्नर का बयान इन महत्वपूर्ण साझेदारियों को पुनर्जीवित करने की पुकार है, ताकि क्षेत्रीय हित सुरक्षित रहें।