अमेरिका ने वॉशिंगटन में यूएस-भारत ड्रग पॉलिसी एग्जीक्यूटिव वर्किंग ग्रुप की प्रथम बैठक आयोजित की, जिसमें वैश्विक नारकोटिक्स चुनौतियों और कानूनी ढांचे पर गहन विचार-विमर्श हुआ। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बुधवार को इसकी जानकारी साझा की, जिसमें दोनों राष्ट्रों के साझा वादों पर बल दिया गया।
बैठक की शुरुआत ओएनडीसीपी निदेशक सारा कार्टर ने कीं, जो ट्रंप-मोदी की सुरक्षा सहयोग बढ़ाने और नार्को-टेरर खत्म करने की इच्छा को रेखांकित किया। कार्टर ने उल्लेख किया कि ड्रग समस्या सुरक्षा की शीर्ष प्राथमिकता है, और यह मंच पारिवारिक सुरक्षा व उद्योग समर्थन प्रदान करेगा।
राजदूत विनय क्वात्रा ने भारत के नशीली दवाओं की तस्करी रोकने के प्रयासों को प्राथमिकता बताया, जिसमें प्रवर्तन और व्यापार संतुलन शामिल है। डेबी सेगुइन व मोनिका आशीष बत्रा के मार्गदर्शन में ग्रुप ने ठोस परिणाम हासिल किए।
पूर्णतः सरकारी नजरिए, एजेंसी समन्वय, दवा आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा तथा संयुक्त ऑपरेशनों की सफलता पर चर्चा केंद्रित रही। पिछले वर्षों में बढ़े अमेरिका-भारत सहयोग में ड्रग विरोधी अभियान प्रमुख हैं, क्योंकि तस्करी अंतरराष्ट्रीय है।
यह बैठक भविष्योन्मुखी साझेदारी का प्रतीक है, जो ड्रग तस्करी के विरुद्ध वैश्विक युद्ध को नई गति देगी।