बजट सत्र का आगाज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के संसद भवनों को संबोधन से हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत की उन्नति का प्रमुख दिशानिर्देशक करार दिया।
सोशल मीडिया एक्स पर मोदी ने लिखा कि भाषण प्रेरणादायी है। संसदीय रीति में इसका विशेष स्थान है जो विकास नीतियों व संकल्प को स्पष्ट करता है।
यह संबोधन जानकारीपूर्ण था। इसमें देश की शानदार प्रगति झलकी और आगे की राह साफ हुई। विकसित भारत@2047 की थीम ने मजबूत राष्ट्र निर्माण की चाह को बल दिया।
भाषण में किसान कल्याण, युवा सशक्तिकरण, गरीबी उन्मूलन व पिछड़े वर्गों के उत्थान पर रोशनी डाली गई। सुधार तेज करना, इनोवेशन बढ़ाना व बेहतर शासन की पुन: पुष्टि हुई।
मुर्मु ने उपलब्धियों गिनाईं। उन्होंने कहा सरकार सबके प्रति संवेदनशील है। सबका साथ-सबका विकास का मंत्र जीवनसाथी बन गया।
सोशल सिक्योरिटी 2014 के 25 करोड़ से बढ़कर 95 करोड़ तक पहुंची।
देश के नौनिहाल, किसान भाई, श्रमिक व कारोबारी प्रगति में भागीदारी निभा रहे, आंकड़े गवाही देते हैं।
सत्र में चर्चाएं इस दृष्टिकोण को मजबूत करेंगी।