सीतामढ़ी जिले में 2026 के आम बजट सत्र से पहले ही उम्मीदों का सैलाब उमड़ पड़ा है। निवासी, विद्वान और अर्थवेत्ता महंगाई पर ब्रेक, शिक्षा-चिकित्सा में प्रगति, रोजगार सृजन व मध्यम आय वालों को छूट की बाट जोह रहे हैं।
आनंद कुमार ने कहा, ‘मध्यम वर्ग को ध्यान में रखकर बजट बने। स्वास्थ्य, तालीम व आधारभूत सुविधाओं पर खर्च बढ़े तो जनता को तुरंत लाभ होगा।’
प्रमिला देवी बोलीं, ‘इंतजार लंबा हो गया। महंगाई की मार हर ओर। बजट आम जरूरतों को पूरा करे और साधारण तबके को फायदा दे।’
प्रो. डॉ. अपर्णा कुमारी ने उच्च शिक्षा पर जोर दिया। शिक्षक वेतन स्थिर हो, टैक्स डिडक्शन सीमा ऊंची हो, छूट बढ़े। अकादमिक पत्रिकाओं व कॉलेज सुविधाओं के लिए धनराशि बहाल हो।
प्रो. प्रभात कुमार ने आशा जताई कि बजट सर्वसमावेशी बनेगा। एनईपी 2020 के 6% जीडीपी वादे पर खरा उतरें। खेती में नई तकनीकें लाएं, उत्पादन बढ़ाएं व बेरोजगारी दूर करें।
यह स्थानीय उत्साह राष्ट्रीय स्तर पर बजट की महत्ता को रेखांकित करता है, जो आर्थिक स्थिरता व समृद्धि का आधार बने।