बारामती विमान दुर्घटना में अजित पवार की असामयिक मृत्यु ने राजनीति को हिला दिया है। पश्चिम बंगाल सीएम ममता बनर्जी ने इसे संदिग्ध बताते हुए कहा कि वे भाजपा से नाता तोड़ अपने मूल दल में वापसी करने वाले थे। सुप्रीम कोर्ट के अधीन पूर्ण जांच की मांग करते हुए उन्होंने सुरक्षा चूक पर चिंता जताई।
कोलकाता में मीडिया से मुखातिब होकर ममता ने दुख व्यक्त किया कि शब्दों से इसे बयां नहीं किया जा सकता। अहमदाबाद त्रासदी के बाद यह हादसा चिंताजनक है। व्यस्ततापूर्ण जीवन में चार्टर्ड फलाइट्स पर आश्रित नेता सुरक्षित कैसे रहें? डीजीसीए पर सख्ती बरतने की जरूरत है।
उन्होंने एजेंसियों को भ्रष्ट बताते हुए सुप्रीम कोर्ट पर ही भरोसा जताया। सोशल मीडिया बयान से विदित हुआ कि पवार विपक्ष की ओर लौट रहे थे। परिवार, राज्यवासियों और शरद पवार को सांत्वना दी।
एक्स पर लिखे पोस्ट में हादसे को भयावह करार दिया और राष्ट्रीय क्षति बताया। महाराष्ट्र की सियासत में उथल-पुथल मच गई है। यह घटना उड़ान सुरक्षा और राजनीतिक षड्यंत्रों की पड़ताल का संकेत दे रही है, जहां सच्चाई उजागर होने का इंतजार है।