बजट सत्र की औपचारिक शुरुआत 28 जनवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त सत्र दो भागों में 2026 तक चलेगा। बजट 1 फरवरी को सुबह आएगा। सत्र में विधेयक और बहसें प्रमुख होंगी।
राष्ट्रपति ने संबोधन को सौभाग्य बताया। पिछले साल की प्रगति और ‘वंदे मातरम’ की शताब्दी समारोहों का जिक्र किया। बंकिम चंद्र को याद करने वाली संसदीय चर्चा की प्रशंसा की।
अंबेडकर के सामाजिक न्याय सिद्धांत को संविधान का मूल बताया। समान अवसर सभी को।
एक दशक में 25 करोड़ गरीबों का उत्थान सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण। वर्तमान कार्यकाल में योजनाएं और मजबूत।
इस सदी का दूसरा 25 वर्ष शुरू। पिछली अवधि गौरवपूर्ण। सभी क्षेत्रों में मजबूती, 2026 ‘विकसित भारत@2047’ की नींव।
12 लाख आय तक टैक्स छूट से आम आदमी को बड़ी राहत। अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों पर।