बारामती के आसमान में तबाही मचाने वाला विमान हादसा महाराष्ट्र को शोक की सेज पर ला खड़ा किया। उपमुख्यमंत्री अजित पवार मुंबई से अपनी कर्मभूमि बारामती जा रहे थे, जब सुबह नौ बजे लैंडिंग के वक्त विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। पट्टी से फिसलते ही विमान जमीन पर खचड़ हो गया और धधकती आग ने सब कुछ लील लिया। कोई चमत्कार नहीं हुआ, सभी सवारों की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से संपर्क साधा। फोन पर उन्होंने हादसे का ब्यौरा लिया और गृह मंत्री अमित शाह को भी सूचित किया। एक्स पर शोकाकुल संदेश में पीएम ने पवार को मेहनती जनसेवक बताया, जिनकी गरीब हितैषी छवि अविस्मरणीय है। ‘उनके परिवार और समर्थकों के प्रति हार्दिक संवेदना,’ उन्होंने लिखा।
अमित शाह ने इसे एनडीए के लिए व्यक्तिगत क्षति करार दिया। पवार के साथ बिताई चर्चाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने महाराष्ट्र विकास के प्रति उनके जुनून की तारीफ की। शाह बारामती पहुंचकर हालात संभालने के लिए निकल पड़े हैं।
हादसे के बाद राज्य प्रशासन ने केंद्रीय नेताओं को हर अपडेट साझा किया। ब्लैक बॉक्स बरामद कर जांच शुरू हो चुकी है। पायलट की गलती या मशीनरी फेलियर—सच्चाई सामने आने पर ही स्पष्ट होगा।
पवार का सफर प्रेरणा का स्रोत था। बारामती से निकलकर उन्होंने राज्य स्तर पर किसानों और पिछड़ों के लिए क्रांतिकारी कदम उठाए। उनकी कमी महसूस होगी, खासकर जल संरक्षण और इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में। राजनीतिक दलों ने एकजुट होकर श्रद्धांजलि दी है।
महाराष्ट्र सरकार विशेषज्ञ टीम गठित करेगी, जबकि केंद्र पूर्ण सहयोग का वादा कर रहा है। यह विपदा न केवल एक नेता के जाने का दुख है, बल्कि हवाई यात्रा सुरक्षा पर चेतावनी भी। बारामती में सन्नाटा पसरा है, जहां पवार राजा के समान पूजे जाते थे। उनकी स्मृति हमेशा जीवित रहेगी।