अमेरिकी सीनेटर मार्क वार्नर ने चेतावनी दी है कि बांग्लादेश के फरवरी चुनावों पर अनिश्चितता का साया गहरा गया है। वजह है अमेरिका का घटता हस्तक्षेप, जो लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है और राजनीतिक स्थिरता को खतरे में डाल रहा है। इससे भारत की सुरक्षा व्यवस्था पर भी असर पड़ रहा है।
वार्नर ने स्पष्ट कहा कि चुनावों की निष्पक्षता पर कोई भरोसा नहीं किया जा सकता। ट्रंप सरकार द्वारा विकास सहायता बंद करने से अमेरिकी सॉफ्ट पावर का लोप हो गया, जिसने रिश्तों को प्रभावित किया।
यूनुस के केयरटेकर बनने से क्रांति की उम्मीद जगी थी, लेकिन अब युवा निराश हैं। पूर्व नेता के भारत प्रवास से गुस्सा भड़का है, जो स्थिरता बिगाड़ सकता है। फिर भी, स्वतंत्र वोटिंग की आशा बाकी है।
देश आर्थिक तंगी, गरीबी और जलवायु जोखिमों से लड़ रहा। कट्टरवाद सीमित है, लेकिन सतर्कता जरूरी। भारत का पड़ोस जटिल है—बांग्लादेश से म्यांमार तक खतरे बने हैं।
अमेरिका का प्रभाव लोकतंत्र प्रोत्साहन से आया। कटौती ने इसे कमजोर किया। अंतरराष्ट्रीय सहयोग निरंतर होना चाहिए। दक्षिण एशिया की राजनीति में बांग्लादेश का रोल बड़ा है। भारत-बांग्लादेश संबंध सीमा, व्यापार और सुरक्षा से गहरे हैं। चुनाव परिणाम क्षेत्र को नया आकार देंगे।