उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान अनियमितताओं के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन दिया। कासगंज, बहराइच, फर्रुखाबाद व बस्ती में सपा कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव के इशारे पर ये शिकायतें दर्ज कीं, जहां प्रक्रिया को भाजपा के हित में तोड़ा-मरोड़ा जा रहा बताया गया।
कासगंज के सपा बहुल बूथों (1-200) पर बीएलओ 12 घंटे के नोटिस थमा रहे, जबकि भाजपा बूथों को छूट। नए फॉर्म सीमित, सत्यापन नाममात्र—ऐसे आरोप हैं। भाजपा एजेंट बने अधिकारियों व विधायक पुत्र की बर्खास्तगी की मांग।
बहराइच नानपारा में नेपाली बहुओं को पूरे कागजात होने पर भी नाम कटवा रहे। हजारों वोट खिसक सकते हैं; सपा ने तुरंत समाधान मांगा।
फर्रुखाबाद बूथ 128 में 2003 सत्यापन की चूक से मनिहारी के 300 वोटर खतरे में। जांच व बहाली की अपील।
बस्ती के 1 लाख+ मतदाताओं को त्रुटि नोटिस पर असंभव समयबद्ध सुनवाई। पार्टियों को विस्तृत सूची दें, सपा की मांग।
यह घटनाक्रम यूपी चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भरोसे को कमजोर कर रहा, सपा ने निष्पक्ष जांच का आह्वान किया।