गणतंत्र दिवस परेड के ठीक बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को राष्ट्रपति भवन में विशेष मेहमानों का स्वागत किया। इस आयोजन ने परेड के पीछे के वीरों को सम्मानित किया, जो भारत की सांस्कृतिक समृद्धि को प्रदर्शित करते हैं।
लेह, झारखंड व जम्मू-कश्मीर के छात्र, आदिवासी सदस्य, झांकी रचनाकार, ट्रैक्टर संचालक, एनएसएस के युवा और एनसीसी कैडेट्स ने राष्ट्रपति से अपने सफर की कहानियां सुनाईं। यह मुलाकात भावुक और प्रेरणादायक रही।
सचिवालय के बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ने आदिवासी अतिथियों, झांकी कलाकारों, ट्रैक्टर चालकों और अन्य से भेंट की। उन्होंने सराहना करते हुए कहा कि इनकी मेहनत ने राष्ट्रीय उत्सव को शानदार बनाया।
सोमवार का ‘एट होम’ समारोह भी चर्चा में रहा, जहां पीएम मोदी, उपराष्ट्रपति, तथा यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता एक मंच पर आए। यह 1950 की परंपरा भारत के संवैधानिक गौरव को दर्शाती है।
यूरोपीय अतिथियों ने द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती दी। निमंत्रणों में पूर्वोत्तर की कलात्मकता ने सबका ध्यान खींचा। राष्ट्रपति भवन में चली चर्चाओं ने एकता का संदेश दिया।
यह पहल राष्ट्रपति मुर्मू के समावेशी दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित करती है, जो आमजन को राष्ट्रीय पटल पर स्थान देती है। गणतंत्र का जश्न अब भी जारी है।