भारतीय महिला क्रिकेट की नई उम्मीद शेफाली वर्मा ने उम्र के आंकड़ों को चुनौती देकर कीर्तिमान स्थापित किए। हरियाणा के रोहतक में 2004 में जन्मीं शेफाली का परिवार क्रिकेट से ओतप्रोत था। पिता संजीव ने अपने अधूरे सपनों को बच्चों में उतारा, और शेफाली ने बचपन से सचिन तेंदुलकर की शैली अपनाई। भाई-बहन संग नेट प्रैक्टिस ने उन्हें तैयार किया।
महज 15 वर्ष 239 दिन में टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू कर सचिन का रिकॉर्ड भंग किया। सभी फॉर्मेट में सबसे युवा खिलाड़ी बन शेफाली ने निरंतरता दिखाई। 2025 विश्व कप से ठीक पहले फॉर्म में गिरावट आई, स्मृति मंधाना के जोड़ीदार प्रतिका रावल बनीं। लेकिन चोट ने शेफाली को बुलावा भेजा।
सेमीफाइनल में संघर्ष के बाद फाइनल में दक्षिण अफ्रीका पर 87 रन (78 गेंद) और 2/36 का धमाकेदार प्रदर्शन। भारत को चैंपियन बनाया और मैन ऑफ द मैच बनीं। आंकड़े गवाही देते हैं: टेस्ट-567 रन (1 शतक, 3 अर्धशतक, 205 उच्च), वनडे-741 रन (5 अर्धशतक), टी20-2462 रन (14 अर्धशतक)।
22 साल की उम्र में शेफाली के पास लंबी पारी बाकी है। वे महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगी, युवाओं को प्रोत्साहित करेंगी।