उत्तर कोरिया ने मंगलवार को जापान सागर में दो बैलिस्टिक मिसाइलें फेंकीं, जिससे टोक्यो में भारी आक्रोश फैल गया। जापानी सरकार ने इसकी कड़ी भर्त्सना की और सुरक्षा उपाय तेज कर दिए।
रक्षा विभाग ने पुष्टि की कि मिसाइलें प्योंगयांग के पास से दोपहर 3:50 पर छोड़ी गईं। एक ने 80 किमी ऊंचाई और 350 किमी रेंज छुई, लेकिन आर्थिक क्षेत्र से परे गिरीं।
पीएम इशिबा के आदेश पर टीमों ने जहाजों व विमानों की हिफाजत के लिए अलर्ट जारी किया। फिलहाल कोई हानि की खबर नहीं।
दक्षिण कोरिया और अमेरिका ने भी निगरानी की पुष्टि की। यूएस ने कहा कि सहयोगी सुरक्षित हैं और कोई फौरी खतरा नहीं।
पिछले महीने किम जोंग-उन की नजर में येलो सी में क्रूज मिसाइल टेस्ट हुए, जो 10,199-10,203 सेकंड उड़कर निशाना भेदा। उन्होंने 8700 टन की न्यूक्लियर पनडुब्बी प्लान को हरी झंडी दी।
उत्तर कोरिया का यह तेवर परमाणु विकास को तेज करने का संकेत है। जापान अब मिसाइल ढाल मजबूत कर संयुक्त मोर्चे की अपील कर रहा है।
पूर्व एशियाई स्थिरता दांव पर लगी है, ऐसे में कूटनीतिक प्रयासों की जरूरत बढ़ गई है।