कर्नाटक कांग्रेस ने महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि देने का फैसला लिया। उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने घोषणा की कि 6,000 ग्राम पंचायत भवनों का नाम गांधीजी के नाम पर होगा। बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मनरेगा बचाओ प्रदर्शन के दौरान यह बात कही गई।
शिवकुमार ने स्पष्ट किया कि यह पार्टी का सामूहिक निर्णय है। वीएस उग्रप्पा जैसे नेताओं के पत्र पर अमल हुआ। गांधीजी का गांवों का स्वप्न- स्कूल, समिति, पंचायत- को साकार करने का प्रयास।
मनरेगा पर केंद्रित कार्यक्रम में शिवकुमार ने योजना के योगदान को रेखांकित किया। यूपीए काल की यह स्कीम गरीबों को अपनी जमीन पर काम का अवसर देती है। इंदिरा आवास, पशुशालाएं, कृषि कार्यों के लिए मजदूरी। पहले 90% केंद्र फंड, अब 60-40 का बोझ। 7,000 पर्यवेक्षण नौकरियां पैदा हुईं।
भाजपा पर प्रहार: गांधी मूर्ति के आगे विरोध करने वाले अयोग्य। बेरोजगारी फैला रहे। कनकपुरा में 200 करोड़ विकास, केंद्र ने पुरस्कार दिया। कुमारस्वामी से बहस की पेशकश। 11 साल सत्ता में रहने के बावजूद सुधार क्यों नहीं?
केंद्र फंड रोक रहा, नायडू ने चेतावनी दी। पंचायतों, किसानों, मजदूरों के अधिकार छिन रहे। हर तालुक में 5 किमी पदयात्रा, नेताओं के नेतृत्व में। विधानसभा में दो दिवसीय चर्चा। ‘मनरेगा जन आंदोलन बनेगा, किसान कानूनों की तरह वापसी होगी।’
यह नामकरण केवल प्रतीक नहीं, ग्रामीण विकास की लड़ाई का हिस्सा। कांग्रेस पीछे नहीं हटेगी।