स्क्रीन का अत्यधिक उपयोग आंखों को नुकसान पहुंचा रहा है। भारीपन, जलन और धीरे-धीरे कम होती रोशनी से लाखों परेशान हैं। छोटी उम्र में चश्मा लगाना मजबूरी बन गई है।
आयुर्वेद आंखों के लिए खास व्यायाम सुझाता है, जो मांसपेशियों को ताकत देते हैं और थकान भगाते हैं। तेजस से जुड़ी आंखें पित्त असंतुलन से प्रभावित होती हैं—देर जागना, स्ट्रेस इसके कारण। व्यायाम ऑक्सीजन पहुंच बढ़ाते हैं।
पहला अभ्यास: 20 तेज झपकियां, 10 सेकंड विश्राम। आंखें तरोताजा हो जाती हैं। दूसरा: सिर स्थिर, आंखें ऊपर-नीचे 15 बार। तीसरा: बाएं-दाएं नजर घुमाएं। फोकस पावर बढ़ेगी।
चौथा: आंखों को वृत्ताकार घुमाएं, दोनों दिशाओं में 5-5 बार। अकड़न दूर। त्राटक करें—दीपक लौ पर लंबे समय तक देखें बिना पलक गिराए। मानसिक शक्ति और दृष्टि दोनों लाभ।
सुबह ठंडा पानी, गुलाब जल, त्रिफला प्रक्षालन अपनाएं। जीवनशैली बदलें: 20-20-20 नियम, पर्याप्त नींद, पौष्टिक आहार, प्रकृति दर्शन। आयुर्वेद से आंखें हमेशा स्वस्थ।