उत्तर प्रदेश के अयोध्या मंडल में जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह ने मंगलवार को पदमुक्ति दे दी। कारण- शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती द्वारा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर की गई कथित अपमानजनक टिप्पणियां। सिंह ने इसे असहनीय बताते हुए राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा, जिसमें पीएम मोदी का भी समर्थन किया गया।
संवाददाताओं से सिंह ने कहा, ‘ये बयान मेरे सीएम के चरित्र पर सवाल उठाते हैं। मैं संवेदनशील इंसान हूं, संविधान के दायरे में विरोध जताऊंगा।’ पत्नी से फोन पर बातचीत में वे भावुक हो उठे। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार जनकल्याण के लिए कार्यरत है, इसके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
मामला प्रयागराज के संगम घाट से जुड़ा है, जहां मौनी अमावस्या पर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्नान से रोके जाने का दावा किया। उन्होंने शिष्यों पर मारपीट का आरोप लगाया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा कारणों से रथ को अनुमति न दी गई। भीड़ प्रबंधन हेतु बैरिकेडिंग की गई, जिसे तोड़ने की चेष्टा पर पुलिस अलर्ट हुई।
शंकराचार्य की उपाधि पर अदालती विवाद ने आग में घी डाला। पिछले 48 घंटों में यह दूसरी घटना है। बरेली के मजिस्ट्रेट ने भी इस्तीफा दिया। अयोध्या जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यह विकास योगी सरकार की छवि को नई दिशा दे सकता है।
राज्य में बढ़ते धार्मिक विवादों के बीच नौकरशाहों का खुला समर्थन चर्चा का विषय है। क्या यह व्यक्तिगत विद्रोह है या व्यापक असंतोष का संकेत? समय जवाब देगा।