प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, यूरोपीय परिषद अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा एवं आयोग अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट की सफल वार्ता का जश्न मनाया। शिखर सम्मेलन के बाद यह संयुक्त घोषणा दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मील का पत्थर साबित होगी।
व्यापार-निवेश में उछाल, साझा विकास और विविध सप्लाई चेन का निर्माण होगा। विश्वव्यापी अस्थिरता में यह साझा मजबूती रोजगार, उद्योग और पर्यावरणीय प्रगति के लिए जरूरी है।
विश्व व्यापार संगठन में व्यापक सुधारों की वकालत की गई। एफटीए क्रियान्वयन के साथ आईपीए व जीआई पर त्वरित प्रगति का लक्ष्य। निजी निवेश और कारोबारी सहभागिता को बढ़ावा।
तकनीकी सामर्थ्य का उपयोग कर टीटीसी से पूर्ण मूल्य श्रृंखला में एकीकरण। डिजिटल, नवीन तकनीक, अनुसंधान और स्टार्टअप्स में गठजोड़। इनोवेशन हब व स्टार्टअप साझेदारी आरंभ।
विज्ञान सहयोग 2030 तक, यूरोप के शोध कार्यक्रम से संबंध। जलवायु क्षेत्र में ग्रीन हाइड्रोजन फोर्स और विंड बिजनेस समिट। संपर्कता बढ़ाने हेतु कनेक्टिविटी, हवाई, समुद्री एवं आईएमईसी परियोजनाएं।
नई दिल्ली के एआई समिट का समर्थन। उद्योग मंच पर नेताओं ने निवेश, नई पहलों और मजबूत व्यापार संबंधों का संकल्प दिलाया, भविष्य की नींव रखते हुए।