चंडीगढ़। पंजाब में एसवाईएल नहर विवाद ने फिर राजनीतिक तूल पकड़ ली है। शिरोमणि अकाली दल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को सिख संत भाई कन्हैया जी का हवाला देकर हरियाणा को पानी देने की बात पर कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने इसे धर्म का अपमान और पंजाब हितों के खिलाफ बताया।
सोशल मीडिया पर सुखबीर ने लिखा, भगवंत का पंजाब के बहुमूल्य जल को दान बताकर भाई कन्हैया का जिक्र शर्मनाक है। गुरु गोबिंद सिंह जी ने दया को महत्व दिया, लेकिन न्याय की लड़ाई भी सिखाई। मरते योद्धाओं को पानी पिलाना भिन्न है, नदियों को सौंपना देशद्रोह।
मुख्यमंत्री को सिख विरासत से छेड़छाड़ के लिए क्षमा याचना करनी चाहिए। सुखबीर ने याद दिलाया कि प्रकाश सिंह बादल सरकार ने नहर रद्द कर किसानों को जमीनें लौटाईं, जिससे विवाद हमेशा के लिए खत्म हो गया।
विवाद तब भड़का जब भगवंत ने हरियाणा के नायब सैनी से मुलाकात के बाद कहा कि सकारात्मक बात हुई। गुरु वाणी मार्गदर्शक है। हम भाई कन्हैया के उत्तराधिकारी हैं, जिन्होंने शत्रुओं को भी जल दिया। हरियाणा हमारा भाई प्रदेश है।
सुखबीर ने भगवंत को कांग्रेस के दरबारा सिंह से जोड़ा, जिन्होंने केंद्र के आगे समर्पण किया। अकाली दल पंजाब के जल की रक्षा के लिए कटिबद्ध रहेगा।
किसान समुदाय में एसवाईएल चिंता का विषय है। यह बयानबाजी आगामी चुनावों में असर डाल सकती है। पंजाब का जल संसाधन राज्य की पहचान है।