भारत-यूरोपीय संघ फ्री ट्रेड समझौते ने श्रम आधारित क्षेत्रों को बड़ा तोहफा दिया है। मंगलवार को घोषित इस एफटीए से लेदर, टेक्सटाइल और ज्वैलरी निर्यात पर शून्य आयात शुल्क लगेगा, जिससे यूरोप के विशाल बाजारों तक पहुंच आसान हो गई।
मंत्री पीयुष गोयल की एक्स पोस्ट में उल्लेख है कि इन क्षेत्रों में निर्यात वृद्धि तेज होगी। टेक्सटाइल को 263 अरब डॉलर के बाजार में बिना बाधा के एंट्री मिलेगी, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पारंपरिक कारीगर सशक्त होंगे।
लेदर पर 17 प्रतिशत से शून्य शुल्क ने 100 अरब डॉलर का बाजार खोल दिया। जेम्स एंड ज्वैलरी को 79 अरब डॉलर के उच्चस्तरीय सेगमेंट में मौके, और 2 ट्रिलियन डॉलर के औद्योगिक बाजार में प्राथिकार मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा, यह केवल व्यापारिक सौदा नहीं, बल्कि साझा विकास का नया मॉडल है। इससे किसान, एमएसएमई और विनिर्माण क्षेत्र को लाभ, साथ ही सेवाओं में सहयोग बढ़ेगा। निर्यात क्रांति की शुरुआत हो चुकी है।