रक्षा मंत्रालय में मंगलवार को आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यूरोपीय आयोग की उपाध्यक्ष काजा कालास से भेंट की। तीनों सेनाओं के शीर्ष अधिकारियों के साथ हुई इस चर्चा ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच सुरक्षा सहयोग को नई दिशा प्रदान की।
सिंह ने साझा लोकतांत्रिक मूल्यों को दोनों की मजबूत साझेदारी का आधार बताया और इन्हें वैश्विक शांति व विकास के लिए उपयोगी बनाने पर जोर दिया। बैठक में रक्षा पारिस्थितिकी, सप्लाई चेन एकीकरण तथा उन्नत क्षमताओं पर विस्तृत बात हुई।
सिंह ने बाद में बताया कि द्विपक्षीय सुरक्षा मामलों पर उत्पादक संवाद हुआ। रक्षा जानकारों का अनुमान है कि यह साझेदारी वैश्विक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। प्रमुख उपस्थित जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश त्रिपाठी, एसीएम एपी सिंह और जनरल अनिल चौहान थे।
भारतीय एवं ईयू रक्षा क्षेत्रों के प्रयासों का सामंजस्य आत्मनिर्भरता और रणनीतिक स्वतंत्रता को बढ़ावा देगा। कालास ने 77वें गणतंत्र दिवस पर धन्यवाद दिया तथा हिंद महासागर में संयुक्त अभ्यासों का आह्वान किया। आईएफसी-आईओआर में ईयू अधिकारी तैनाती से परिचालन सहयोग मजबूत होगा।
वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य, उत्पादन सहयोग, प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान और चुनौतियों से जूझने के उपायों पर भी सहमति बनी। गणतंत्र दिवस परेड में ईयू कंटिंजेंट की भागीदारी ने संबंधों को और सशक्त किया। यह मुलाकात भविष्य की मजबूत साझेदारी का संकेत है।